First trimester ultrasound MCQ in Hindi

First trimester ultrasound MCQ in Hindi

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  1. अल्ट्रासाउंड पर गर्भाशय थैली का सामान्य आकार क्या होता है?
    A) अनियमित
    B) अंडाकार या गोल
    C) त्रिकोणीय
    D) चपटा

व्याख्या:
एक सामान्य गर्भाशय थैली गोल या अंडाकार होती है और इसकी सीमाएँ स्पष्ट तथा प्रतिध्वन्यीय (echogenic) होती हैं। अनियमित या चपटी थैली असफल गर्भावस्था या आरोपण (implantation) की समस्या का संकेत दे सकती है।

उत्तर: B) अंडाकार या गोल


  1. निम्नलिखित में से कौन सा अल्ट्रासाउंड पर असामान्य गर्भाशय थैली का संकेत है?
    A) डबल डेसिडुअल सैक साइन
    B) नियमित, स्पष्ट सीमाएँ
    C) अनियमित आकार और अस्पष्ट सीमाएँ
    D) थैली का केंद्रीय आरोपण

उत्तर: C) अनियमित आकार और अस्पष्ट सीमाएँ

व्याख्या:
एक असामान्य गर्भाशय थैली अनियमित दिखती है, जिसकी प्रतिध्वन्यीय सीमाएँ पतली या अस्पष्ट हो सकती हैं। सामान्य गर्भाशय थैली में "डबल डेसिडुअल सैक साइन" पाया जाता है, जो एक गर्भाशयीन (intrauterine) गर्भावस्था की पुष्टि करता है।


  1. ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड पर गर्भाशय थैली किस बीटा-hCG स्तर पर दिखाई देनी चाहिए?
    A) 500 mIU/mL
    B) 1000-1500 mIU/mL
    C) 2500-3000 mIU/mL
    D) 4000-5000 mIU/mL

व्याख्या:
ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड पर गर्भाशय थैली का पता लगाने के लिए बीटा-hCG स्तर आमतौर पर ≥1500 mIU/mL होता है। यदि इस स्तर से अधिक होने पर भी गर्भाशय थैली नहीं दिखाई देती है, तो एक्टोपिक (अस्थानिक) गर्भावस्था या प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता पर विचार किया जाना चाहिए।

उत्तर: B) 1000-1500 mIU/mL


  1. अल्ट्रासाउंड पर असामान्य रूप से बड़ा यॉल्क सैक का माप क्या माना जाता है?
    A) >2 mm
    B) >5 mm
    C) >7 mm
    D) >10 mm

व्याख्या:

5 mm का यॉल्क सैक गर्भावस्था विफलता के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा होता है। यॉल्क सैक भ्रूण को पोषण प्रदान करता है और इसका असामान्य रूप से बड़ा होना भ्रूण के खराब विकास को दर्शा सकता है।

उत्तर: B) >5 mm


  1. प्रारंभिक गर्भावस्था में गर्भाशय थैली की कौन सी विशेषता चिंता का विषय है?
    A) डबल डेसिडुअल साइन
    B) थैली के चारों ओर प्रतिध्वन्यीय रिंग
    C) मीन सैक डायमीटर (MSD) >25 mm होने पर भी यॉल्क सैक की अनुपस्थिति
    D) बढ़ी हुई संवहनीता (vascularity)

व्याख्या:
यदि गर्भाशय थैली का MSD (Mean Sac Diameter) ≥25 mm है और फिर भी यॉल्क सैक या भ्रूण दिखाई नहीं देता, तो यह गर्भावस्था विफलता (anembryonic pregnancy) का संकेत हो सकता है। सामान्य रूप से, MSD ≥10 mm पर यॉल्क सैक दिखाई देना चाहिए।

उत्तर: C) मीन सैक डायमीटर >25 mm होने पर भी यॉल्क सैक की अनुपस्थिति

6. निम्नलिखित में से कौन सा एनेम्ब्रियोनिक गर्भावस्था (Anembryonic Pregnancy) की विशेषता नहीं है?
A) भ्रूण के बिना बड़ा गर्भाशय थैली
B) मीन सैक डायमीटर (MSD) >25 mm और भ्रूण ध्रुव (fetal pole) नहीं दिखना
C) सामान्य यॉल्क सैक और भ्रूण की धड़कन
D) अपेक्षित विकास अवधि के बाद भ्रूण ध्रुव की अनुपस्थिति

व्याख्या:
एनेम्ब्रियोनिक गर्भावस्था (Blighted Ovum) में गर्भाशय थैली मौजूद होती है, लेकिन उसमें भ्रूण नहीं होता। यदि यॉल्क सैक और भ्रूण की धड़कन मौजूद हैं, तो यह एक जारी गर्भावस्था की पुष्टि करता है।

उत्तर: C) सामान्य यॉल्क सैक और भ्रूण की धड़कन


7. ब्लाइटेड ओवम (Blighted Ovum) की विशिष्ट अल्ट्रासाउंड विशेषता क्या होती है?
A) सामान्य यॉल्क सैक और भ्रूण की धड़कन
B) बड़ा, खाली गर्भाशय थैली
C) मोटी दीवारों वाला सिस्टिक मास
D) हाइपरवैस्कुलर रिंग

व्याख्या:
ब्लाइटेड ओवम एक बड़ा, खाली गर्भाशय थैली होता है जिसमें भ्रूण ध्रुव नहीं होता। यह तब होता है जब आरोपण (implantation) के बावजूद भ्रूण का विकास नहीं हो पाता।

उत्तर: B) बड़ा, खाली गर्भाशय थैली


8. अल्ट्रासाउंड पर कौन सा संकेत प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता (Failed Pregnancy) का संकेत देता है?
A) 5 सप्ताह पर यॉल्क सैक के बिना गर्भाशय थैली
B) 6 सप्ताह पर भ्रूण की धड़कन नहीं दिखना
C) मीन सैक डायमीटर (MSD) 25 mm और भ्रूण का न दिखना
D) गर्भाशय थैली का सामान्य वृद्धि होना

व्याख्या:
यदि MSD ≥ 25 mm है और भ्रूण नहीं दिखाई देता, तो यह गर्भावस्था विफलता का स्पष्ट संकेत है। सामान्यतः, MSD ≥ 10 mm होने पर यॉल्क सैक और MSD ≥ 25 mm होने पर भ्रूण की उपस्थिति अपेक्षित होती है।

उत्तर: C) मीन सैक डायमीटर 25 mm और भ्रूण का न दिखना


9. निम्नलिखित में से कौन सा गर्भाशय थैली की असामान्य विशेषता है?
A) केंद्रीय आरोपण (Central Implantation)
B) डबल डेसिडुअल रिंग
C) मीन सैक डायमीटर 1 mm/दिन की वृद्धि
D) गोल या अंडाकार आकार

व्याख्या:
सामान्य रूप से गर्भाशय थैली एंडोमेट्रियल कैविटी में सेंट्रल नहीं बल्कि किनारे (eccentric) पर आरोपित होती है। केंद्रीय आरोपण असामान्य गर्भावस्था का संकेत हो सकता है, जैसे कि सिजेरियन स्कार प्रेग्नेंसी या गर्भावस्था विफलता।

उत्तर: A) केंद्रीय आरोपण


10. ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड पर भ्रूण की धड़कन कब दिखाई देनी चाहिए?
A) 4 सप्ताह
B) 5 सप्ताह
C) 6 सप्ताह
D) 8 सप्ताह

व्याख्या:
6 सप्ताह की गर्भावस्था में ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड पर भ्रूण की धड़कन आमतौर पर दिखाई देती है। यदि 7 सप्ताह तक भ्रूण की धड़कन नहीं दिखती और क्राउन-रंप लंबाई (CRL) ≥ 7 mm है, तो गर्भावस्था विफलता की आशंका होती है।

उत्तर: C) 6 सप्ताह


11. इंट्रायूटेरिन गर्भावस्था (Intrauterine Pregnancy) का सबसे पहला अल्ट्रासाउंड संकेत क्या है?
A) भ्रूण ध्रुव
B) यॉल्क सैक
C) डबल डेसिडुअल सैक साइन
D) भ्रूण की धड़कन

व्याख्या:
डबल डेसिडुअल सैक साइन (DDSS) पहला विश्वसनीय अल्ट्रासाउंड संकेत है, जो दो प्रतिध्वन्यीय रिंग्स (echogenic rings) के रूप में दिखाई देता है। यह एक सामान्य इंट्रायूटेरिन गर्भावस्था को एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में दिखने वाले छद्म गर्भाशय थैली (pseudogestational sac) से अलग करने में मदद करता है।

उत्तर: C) डबल डेसिडुअल सैक साइन


12. भ्रूण की धड़कन की अनुपस्थिति में गर्भावस्था विफलता का निदान किस माप द्वारा किया जाता है?
A) क्राउन-रंप लंबाई (CRL) ≥7 mm
B) मीन सैक डायमीटर (MSD) ≥15 mm
C) यॉल्क सैक >3 mm
D) MSD वृद्धि <1 mm/दिन

व्याख्या:
यदि CRL ≥ 7 mm है और भ्रूण की धड़कन अनुपस्थित है, तो यह गर्भावस्था विफलता का संकेत देता है। MSD ≥ 25 mm होने पर भ्रूण का न दिखना भी गर्भावस्था विफलता का संकेत होता है।

उत्तर: A) क्राउन-रंप लंबाई (CRL) ≥7 mm


13. यदि गर्भाशय थैली निचले गर्भाशय खंड (Lower Uterine Segment) में स्थित हो, तो यह किस स्थिति का संकेत देता है?
A) सामान्य गर्भावस्था
B) एक्टोपिक गर्भावस्था
C) सर्वाइकल गर्भावस्था
D) मोला गर्भावस्था

व्याख्या:
सर्वाइकल गर्भावस्था एक असामान्य आरोपण (abnormal implantation) होती है, जिसमें गर्भाशय थैली गर्भाशय गुहा के बजाय ग्रीवा (cervix) में स्थित होती है।

उत्तर: C) सर्वाइकल गर्भावस्था


14. प्रारंभिक गर्भावस्था में गर्भाशय थैली की सामान्य वृद्धि दर क्या होती है?
A) 0.5 mm/दिन
B) 1 mm/दिन
C) 2 mm/दिन
D) 3 mm/दिन

उत्तर: B) 1 mm/दिन

व्याख्या:
सामान्य गर्भाशय थैली प्रति दिन औसतन 1 mm की दर से बढ़ती है। यदि थैली की वृद्धि सामान्य से कम हो, तो यह गर्भावस्था विफलता का संकेत हो सकता है।


15. भ्रूण के बिना गर्भाशय थैली किस गर्भकाल तक सामान्य मानी जाती है?
A) 5 सप्ताह
B) 6 सप्ताह
C) 7 सप्ताह
D) 8 सप्ताह

व्याख्या:
6 सप्ताह से पहले, भ्रूण के बिना गर्भाशय थैली सामान्य मानी जाती है। हालांकि, 6 सप्ताह के बाद भ्रूण ध्रुव दिखाई देना चाहिए, और 7 सप्ताह तक भ्रूण की धड़कन भी मिलनी चाहिए।

उत्तर: B) 6 सप्ताह


16. अल्ट्रासाउंड पर थ्रेटेंड मिसकैरेज (Threatened Miscarriage) का संकेत क्या है?
A) बढ़ा हुआ अम्नियोटिक द्रव
B) सामान्य भ्रूण की धड़कन और सबकोरियोनिक रक्तस्राव
C) अनियमित आकार की गर्भाशय थैली
D) खाली गर्भाशय थैली और बड़ा यॉल्क सैक

व्याख्या:
सबकोरियोनिक रक्तस्राव (Subchorionic Hemorrhage) एक हाइपोकॉइक (hypoechoic) क्षेत्र के रूप में दिखाई देता है और अक्सर थ्रेटेंड मिसकैरेज से जुड़ा होता है।

उत्तर: B) सामान्य भ्रूण की धड़कन और सबकोरियोनिक रक्तस्राव

17. कौन सा अल्ट्रासाउंड निष्क्रिय गर्भावस्था (गर्भपात) का संकेत देता है?
A) फंडस में स्थित गर्भाशय थैली
B) MSD 16 mm बिना योक सैक के
C) एक अच्छी तरह से परिभाषित डेसिडुअल प्रतिक्रिया वाली गर्भाशय थैली
D) 4 mm CRL के साथ हृदय गति का पता लगना

व्याख्या:
MSD ≥16 mm बिना योक सैक के गर्भावस्था विफलता का संकेत देता है। गर्भावस्था के निष्क्रिय होने के निश्चित मानदंडों में MSD ≥25 mm बिना भ्रूण के या CRL ≥7 mm बिना हृदय गति के शामिल हैं।

उत्तर: B) MSD 16 mm बिना योक सैक के


18. अल्ट्रासाउंड में कौन सा संकेत अस्थानिक (एक्टोपिक) गर्भावस्था के लिए सबसे अधिक सुझावात्मक है?
A) डबल डेसिडुअल सैक साइन
B) खाली गर्भाशय और β-hCG >2000 mIU/mL
C) बिना भ्रूण के योक सैक
D) MSD >25 mm बिना भ्रूण के

व्याख्या:
β-hCG >2000 mIU/mL के बावजूद गर्भाशय में कोई गर्भाशय थैली न दिखना एक्टोपिक गर्भावस्था का सबसे महत्वपूर्ण संकेत है। इस स्तर पर एक सामान्य अंतर्गर्भाशयी गर्भावस्था ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड पर देखी जानी चाहिए।

उत्तर: B) खाली गर्भाशय और β-hCG >2000 mIU/mL


19. प्रारंभिक गर्भावस्था में निम्न में से कौन सा एक खराब पूर्वानुमान संकेत है?
A) 3 mm मापने वाला योक सैक
B) गर्भाशय थैली का फंडस में स्थित होना
C) पतली डेसिडुअल प्रतिक्रिया के साथ अनियमित गर्भाशय थैली
D) डबल डेसिडुअल सैक साइन

व्याख्या:
2 mm से कम मोटाई वाली पतली डेसिडुअल प्रतिक्रिया के साथ एक अनियमित गर्भाशय थैली एक खराब पूर्वानुमान संकेत है और गर्भावस्था विफलता का संकेत दे सकती है। एक स्वस्थ गर्भावस्था के लिए मजबूत डेसिडुअल प्रतिक्रिया आवश्यक होती है।

उत्तर: C) पतली डेसिडुअल प्रतिक्रिया के साथ अनियमित गर्भाशय थैली


20. "ट्रोफोब्लास्टिक रिंग साइन" प्रारंभिक गर्भावस्था में किसे इंगित करता है?
A) एक्टोपिक गर्भावस्था
B) सामान्य अंतर्गर्भाशयी गर्भावस्था
C) ब्लाइटेड ओवम
D) मोलर गर्भावस्था

व्याख्या:
ट्रोफोब्लास्टिक रिंग साइन एक एक्टोपिक गर्भावस्था में गर्भाशय थैली के चारों ओर हाइपेरेक्वोजेनिक रिंग के रूप में दिखाई देता है। यह सामान्य अंतर्गर्भाशयी गर्भावस्था में देखे जाने वाले डबल डेसिडुअल सैक साइन से भिन्न होता है।

उत्तर: A) एक्टोपिक गर्भावस्था

  1. प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता के मामलों में, पुनः अल्ट्रासाउंड के लिए अनुशंसित फॉलो-अप अंतराल क्या है?
    A) 24 घंटे
    B) 48 घंटे
    C) 7-10 दिन
    D) 2-3 सप्ताह

व्याख्या:
अनिश्चित जीवन शक्ति (viability) के मामलों में, गर्भावस्था की प्रगति या विफलता की पुष्टि के लिए 7-10 दिनों में पुनः अल्ट्रासाउंड की सिफारिश की जाती है। यदि वृद्धि या हृदय गति नहीं देखी जाती है, तो गर्भावस्था को अजीवनीय (nonviable) माना जाता है।

उत्तर: C) 7-10 दिन


  1. अल्ट्रासाउंड पर "गिरा हुआ जेस्टेशनल सैक" (collapsed gestational sac) किस स्थिति की विशेषता है?
    A) खतरे में पड़ा गर्भपात (Threatened miscarriage)
    B) अपूर्ण गर्भपात (Incomplete abortion)
    C) एक्टोपिक गर्भावस्था (Ectopic pregnancy)
    D) अनएम्ब्रियोनिक गर्भावस्था (Anembryonic pregnancy)

व्याख्या:
गिरा हुआ जेस्टेशनल सैक और गर्भावशेष (retained products of conception) की उपस्थिति अपूर्ण गर्भपात (Incomplete abortion) का संकेत देती है। यह तब देखा जाता है जब भ्रूण मृत्यु हो जाती है और सैक टूटना या निष्कासित होना शुरू कर देता है।

उत्तर: B) अपूर्ण गर्भपात


  1. अल्ट्रासाउंड पर गर्भाशय थैली (gestational sac) के भीतर सबसे पहले कौन सा ढांचा दिखाई देता है?
    A) भ्रूण (Embryo)
    B) योक सैक (Yolk sac)
    C) एमनियोटिक सैक (Amniotic sac)
    D) प्लेसेंटा (Placenta)

व्याख्या:
योक सैक (Yolk sac) गर्भाशय थैली के भीतर दिखाई देने वाली पहली संरचना है, जो आमतौर पर 5-6 सप्ताह की गर्भावस्था में देखी जाती है। यह भ्रूण को प्रारंभिक पोषण प्रदान करता है।

उत्तर: B) योक सैक


  1. एक छद्म जेस्टेशनल सैक (pseudogestational sac) और एक वास्तविक जेस्टेशनल सैक के बीच एक महत्वपूर्ण सोनोग्राफिक विशेषता क्या है?
    A) गोल आकार (Round shape)
    B) गर्भाशय गुहा (uterine cavity) में स्थिति
    C) डबल डेसिडुअल सैक संकेत (Double decidual sac sign)
    D) योक सैक का अभाव (No yolk sac)

व्याख्या:
एक वास्तविक जेस्टेशनल सैक में डबल डेसिडुअल सैक संकेत (Double decidual sac sign, DDSS) होता है और यह एंडोमेट्रियम के भीतर विषम रूप से स्थित होता है। एक छद्म जेस्टेशनल सैक, जो आमतौर पर एक्टोपिक गर्भावस्था में देखा जाता है, केंद्रीय रूप से स्थित होता है और इसमें DDSS नहीं होता है।

उत्तर: C) डबल डेसिडुअल सैक संकेत


  1. 5 सप्ताह की गर्भावस्था में जेस्टेशनल सैक का सामान्य सोनोग्राफिक स्वरूप क्या होता है?
    A) मोटे इकोजेनिक किनारे वाली एक एनीकोइक थैली
    B) एक ठोस हाइपरइकोइक संरचना
    C) एक सिस्टिक संरचना जिसमें एक आंतरिक भ्रूण होता है
    D) एक हाइपोइकोइक रिंग जैसी संरचना

व्याख्या:
5 सप्ताह की गर्भावस्था में, जेस्टेशनल सैक एक गोल, एनीकोइक संरचना की तरह दिखाई देती है, जिसमें एक मोटी इकोजेनिक सीमा होती है (जो डेसिडुआ को दर्शाती है)।

उत्तर: A) मोटे इकोजेनिक किनारे वाली एक एनीकोइक थैली


  1. योक सैक और एमनियोटिक सैक के बीच सामान्य संबंध क्या है?
    A) योक सैक एमनियोटिक सैक के अंदर होता है
    B) एमनियोटिक सैक योक सैक के अंदर होता है
    C) वे अलग-अलग संरचनाएँ होती हैं, लेकिन एमनियोटिक सैक के बढ़ने पर योक सैक गायब हो जाता है
    D) योक सैक पूरे गर्भावस्था में दिखाई देता है

व्याख्या:
योक सैक और एमनियोटिक सैक अलग-अलग संरचनाएँ होती हैं। जैसे-जैसे गर्भावस्था आगे बढ़ती है, योक सैक सिकुड़ जाता है और अंततः गायब हो जाता है, जबकि एमनियोटिक सैक भ्रूण को चारों ओर से घेर लेता है।

उत्तर: C) वे अलग-अलग संरचनाएँ होती हैं, लेकिन एमनियोटिक सैक के बढ़ने पर योक सैक गायब हो जाता है


  1. 6 सप्ताह की गर्भावस्था में सामान्य मीन सैक डायमीटर (MSD) क्या होता है?
    A) 5-10 mm
    B) 10-15 mm
    C) 16-20 mm
    D) 25 mm

व्याख्या:
6 सप्ताह में, MSD आमतौर पर 10-15 mm होता है। गर्भाशय थैली प्रति दिन लगभग 1 mm बढ़ती है।

उत्तर: B) 10-15 mm


  1. एक्टोपिक गर्भावस्था में जेस्टेशनल सैक का एक अल्ट्रासाउंड लक्षण क्या है?
    A) डबल डेसिडुअल संकेत (Double decidual sign)
    B) गर्भाशय में केंद्रीय स्थिति (Central location in the uterus)
    C) खाली गर्भाशय गुहा और एक एडनेक्सल मास (Empty uterine cavity with an adnexal mass)
    D) एंडोमेट्रियल गुहा में भ्रूण की उपस्थिति (Presence of a fetal pole in the endometrial cavity)

व्याख्या:
यदि कोई इंट्रा-यूटेराइन जेस्टेशनल सैक नहीं देखा जाता है और एडनेक्सल मास (अक्सर रिंग जैसी संरचना के साथ) मौजूद होता है, तो यह एक्टोपिक गर्भावस्था का संकेत हो सकता है।

उत्तर: C) खाली गर्भाशय गुहा और एक एडनेक्सल मास


  1. यदि MSD >10 mm होने पर योक सैक अनुपस्थित हो, तो संभावित निदान क्या होगा?
    A) सामान्य गर्भावस्था
    B) मोलेर गर्भावस्था (Molar pregnancy)
    C) प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता (Early pregnancy failure)
    D) सर्वाइकल गर्भावस्था (Cervical pregnancy)

व्याख्या:
जब MSD ≥10 mm तक पहुँचता है, तो योक सैक दिखाई देना चाहिए। इस आकार में योक सैक की अनुपस्थिति प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता का संकेत देती है।

उत्तर: C) प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता


  1. एक बढ़े हुए और कैल्सीफाइड योक सैक का क्या संकेत होता है?
    A) एक्टोपिक गर्भावस्था
    B) सामान्य गर्भावस्था प्रगति
    C) भ्रूण मृत्यु
    D) मोलेर गर्भावस्था

व्याख्या:
एक बढ़ा हुआ (>5 mm) और कैल्सीफाइड योक सैक एक खराब संकेत होता है, जो अक्सर भ्रूण मृत्यु या गर्भावस्था विफलता का संकेत देता है।

उत्तर: C) भ्रूण मृत्यु


31. गर्भाशय के कॉर्नुअल क्षेत्र में जेस्टेशनल सैक की उपस्थिति किस स्थिति के लिए चिंताजनक होती है?

A) सामान्य इंट्रायूटेराइन गर्भावस्था
B) मोलेर गर्भावस्था
C) कॉर्नुअल (इंटरस्टीशियल) एक्टोपिक गर्भावस्था
D) सर्वाइकल गर्भावस्था

व्याख्या:
कॉर्नुअल एक्टोपिक गर्भावस्था तब होती है जब जेस्टेशनल सैक फैलोपियन ट्यूब के इंटरस्टीशियल (कॉर्नुअल) भाग में प्रत्यारोपित होता है। यह एक उच्च-जोखिम वाली गर्भावस्था है क्योंकि यह फटने और गंभीर रक्तस्राव का कारण बन सकती है।

उत्तर: C) कॉर्नुअल (इंटरस्टीशियल) एक्टोपिक गर्भावस्था


32. अल्ट्रासाउंड पर सामान्य जेस्टेशनल सैक की अपेक्षित स्थिति क्या होती है?

A) एंडोमेट्रियल स्ट्राइप के भीतर
B) एंडोमेट्रियम में असममित स्थिति
C) ग्रीवा (सर्विक्स) में कम स्थान पर
D) मायोमेट्रियम के पास

व्याख्या:
सामान्य जेस्टेशनल सैक एंडोमेट्रियम में असममित रूप से स्थित होता है (केंद्र में नहीं)। केंद्रीय रूप से स्थित सैक एक छद्म जेस्टेशनल सैक का संकेत हो सकता है, जो एक्टोपिक गर्भावस्था में आमतौर पर देखा जाता है।

उत्तर: B) एंडोमेट्रियम में असममित स्थिति


33. निम्नलिखित में से कौन सा निष्कर्ष मोलेर गर्भावस्था के लिए सबसे अधिक संकेतक है?

A) सामान्य जेस्टेशनल सैक जिसमें योक सैक मौजूद हो
B) बड़ा, इकोजेनिक प्लेसेंटा जिसमें कई सिस्टिक स्पेस हों
C) छोटा योक सैक के साथ एक खाली जेस्टेशनल सैक
D) एडनेक्सल मास जिसमें कोई इंट्रायूटेराइन सैक न हो

व्याख्या:
मोलेर गर्भावस्था (गर्भकालिक ट्रॉफोब्लास्टिक रोग) एक बड़े प्लेसेंटा के रूप में दिखाई देती है जिसमें कई छोटे सिस्टिक स्पेस होते हैं, जिसे कभी-कभी "स्नोस्टॉर्म" (बर्फीला तूफान) रूप के रूप में वर्णित किया जाता है।

उत्तर: B) बड़ा, इकोजेनिक प्लेसेंटा जिसमें कई सिस्टिक स्पेस हों


34. यदि 7 सप्ताह पर CRL 8 mm हो और भ्रूण की हृदय गति अनुपस्थित हो, तो सबसे संभावित निदान क्या होगा?

A) सामान्य प्रारंभिक गर्भावस्था
B) मिस्ड मिसकैरेज
C) खतरे में पड़ा गर्भपात
D) ब्लाइटेड ओवम

व्याख्या:
यदि क्राउन-रंप लंबाई (CRL) ≥7 mm तक पहुंच गई है और कोई हृदय गति नहीं देखी जाती है, तो इसे मिस्ड मिसकैरेज (Missed Miscarriage) माना जाता है।

उत्तर: B) मिस्ड मिसकैरेज


35. निम्नलिखित में से कौन सा कारक अनएम्ब्रियोनिक गर्भावस्था (Blighted Ovum) के जोखिम को बढ़ाता है?

A) अधिक मातृ आयु
B) एकाधिक गर्भधारण (Multiple gestation)
C) मोलेर गर्भावस्था का इतिहास
D) उपरोक्त सभी

व्याख्या:
अनएम्ब्रियोनिक गर्भावस्था (Blighted Ovum) के लिए जोखिम कारकों में अधिक मातृ आयु, पिछला गर्भपात, गुणसूत्र असामान्यताएँ, एकाधिक गर्भधारण और ट्रॉफोब्लास्टिक रोग शामिल हैं।

उत्तर: D) उपरोक्त सभी


36. प्रारंभिक गर्भावस्था मूल्यांकन में सीरियल β-hCG मापन का क्या उद्देश्य है?

A) गर्भकालिक मधुमेह (Gestational diabetes) का पता लगाना
B) भ्रूण की वृद्धि का मूल्यांकन करना
C) सामान्य गर्भावस्था प्रवृत्ति की पुष्टि करना
D) प्लेसेंटा की कार्यक्षमता का आकलन करना

व्याख्या:
सीरियल β-hCG मापन गर्भावस्था की जीवितता (viability) निर्धारित करने में मदद करता है। एक सामान्य गर्भावस्था में, β-hCG हर 48-72 घंटों में दोगुना हो जाता है। इसकी वृद्धि में असफलता एक्टोपिक गर्भावस्था या प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता का संकेत दे सकती है।

उत्तर: C) सामान्य गर्भावस्था प्रवृत्ति की पुष्टि करना


37. मीन सैक डायमीटर (MSD) का उपयोग करके प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता निर्धारित करने का सबसे सटीक तरीका क्या है?

A) MSD ≥10 mm और कोई योक सैक नहीं
B) MSD ≥16 mm और कोई भ्रूण नहीं
C) MSD ≥25 mm और कोई भ्रूण नहीं
D) MSD प्रति दिन 1 mm से कम बढ़ रहा हो

व्याख्या:
यदि मीन सैक डायमीटर (MSD) ≥25 mm तक पहुंच जाता है और कोई भ्रूण नहीं दिखता है, तो इसे प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता के रूप में निदान किया जाता है। इससे कम आकार में पहुंचने से पहले, पुष्टि के लिए फॉलो-अप अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है।

उत्तर: C) MSD ≥25 mm और कोई भ्रूण नहीं


38. निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता असामान्य जेस्टेशनल सैक का संकेत नहीं देती है?

A) अनियमित सैक आकार
B) पतली डेसिडुअल प्रतिक्रिया
C) एंडोमेट्रियम के भीतर केंद्रीय आरोपण
D) गोल और स्पष्ट रूप से परिभाषित सैक जिसमें डबल डेसिडुअल साइन हो

व्याख्या:
गोल, स्पष्ट रूप से परिभाषित जेस्टेशनल सैक जिसमें डबल डेसिडुअल साइन (Double Decidual Sign) होता है, एक सामान्य इंट्रायूटेराइन गर्भावस्था का आश्वस्त करने वाला लक्षण है। असामान्य विशेषताओं में अनियमित आकार, पतला डेसिडुआ और केंद्रीय आरोपण शामिल हैं।

उत्तर: D) गोल और स्पष्ट रूप से परिभाषित सैक जिसमें डबल डेसिडुअल साइन हो


39. एक जेस्टेशनल सैक जिसमें असामान्य रूप से बड़ा योक सैक (>7 mm) हो, किसके लिए चिंताजनक होता है?

A) सामान्य गर्भावस्था
B) गर्भपात का बढ़ा हुआ जोखिम
C) एकाधिक गर्भधारण
D) मोलेर गर्भावस्था

व्याख्या:
7 mm से बड़ा योक सैक खराब गर्भावस्था पूर्वानुमान का संकेत है और इसे स्वतः गर्भपात (miscarriage) के उच्च जोखिम से जोड़ा जाता है।

उत्तर: B) गर्भपात का बढ़ा हुआ जोखिम


40. कौन सा अल्ट्रासाउंड फीचर जेस्टेशनल सैक को तरल पदार्थ से भरी गर्भाशय गुहा से अलग करने में मदद करता है?

A) इकोजेनिक बॉर्डर
B) एनीकोइक केंद्र
C) ग्रीवा में स्थिति
D) अनियमित आकार

व्याख्या:
एक वास्तविक जेस्टेशनल सैक में ट्रॉफोब्लास्टिक प्रतिक्रिया के कारण मोटी इकोजेनिक सीमा (echogenic border) होती है। एक तरल पदार्थ से भरी हुई एंडोमेट्रियल गुहा (जैसे रक्त संचय) में यह विशेषता नहीं होती है।

उत्तर: A) इकोजेनिक बॉर्डर

41. कौन सा अल्ट्रासाउंड संकेत गर्भपात के आसन्न होने का संकेत देता है?

A) मोटी डेसिडुअल प्रतिक्रिया के साथ बढ़ता हुआ जेस्टेशनल सैक
B) बड़ा योक सैक और संकुचित जेस्टेशनल सैक
C) 1 mm/दिन की दर से बढ़ता हुआ जेस्टेशनल सैक
D) अच्छी तरह से विकसित योक सैक और भ्रूण पोल

व्याख्या:
7 mm से बड़ा योक सैक और संकुचित जेस्टेशनल सैक गर्भावस्था विफलता का संकेत देता है। सामान्य रूप से, जेस्टेशनल सैक को बढ़ना चाहिए और स्पष्ट रूप से परिभाषित रहना चाहिए।

उत्तर: B) बड़ा योक सैक और संकुचित जेस्टेशनल सैक


42. ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड पर भ्रूण की हृदय गति देखने की सामान्य सीमा क्या है?

A) CRL ≥2 mm
B) CRL ≥4 mm
C) CRL ≥7 mm
D) CRL ≥10 mm

व्याख्या:
जब CRL (Crown-Rump Length) 7 mm या उससे अधिक हो जाती है, तो भ्रूण की हृदय गति देखी जानी चाहिए। यदि इस चरण में हृदय गति नहीं देखी जाती है, तो गर्भावस्था विफलता की पुष्टि की जाती है।

उत्तर: C) CRL ≥7 mm


43. ब्लाइटेड ओवम (अनएम्ब्रियोनिक गर्भावस्था) का क्लासिक अल्ट्रासाउंड संकेत कौन सा है?

A) MSD ≥25 mm के साथ खाली जेस्टेशनल सैक
B) डबल डेसिडुअल सैक साइन
C) भ्रूण पोल और हृदय गति के साथ जेस्टेशनल सैक
D) मोटा इकोजेनिक ट्रॉफोब्लास्टिक रिंग

व्याख्या:
ब्लाइटेड ओवम (Anembryonic Pregnancy) तब होता है जब जेस्टेशनल सैक बनता है, लेकिन भ्रूण विकसित नहीं होता। यदि MSD (Mean Sac Diameter) ≥25 mm हो और कोई भ्रूण पोल न हो, तो इसकी पुष्टि की जाती है।

उत्तर: A) MSD ≥25 mm के साथ खाली जेस्टेशनल सैक


44. यदि जेस्टेशनल सैक दिखाई देता है, लेकिन कोई योक सैक या भ्रूण पोल नहीं दिखता, तो अगला सबसे अच्छा कदम क्या होगा?

A) गर्भपात का तत्काल निदान
B) 7-10 दिनों में पुनः अल्ट्रासाउंड
C) प्रोजेस्टेरोन लिखना
D) सर्जिकल निकासी

व्याख्या:
यदि जेस्टेशनल सैक मौजूद है, लेकिन योक सैक या भ्रूण पोल नहीं दिखता, तो यह केवल बहुत प्रारंभिक गर्भावस्था हो सकती है। 7-10 दिनों में पुनः अल्ट्रासाउंड करने से गर्भावस्था की जीवंतता या विफलता की पुष्टि हो सकती है।

उत्तर: B) 7-10 दिनों में पुनः अल्ट्रासाउंड


45. एक खाली जेस्टेशनल सैक जिसमें मोटी ट्रॉफोब्लास्टिक रिंग और कोई भ्रूण नहीं है, उसका सबसे संभावित कारण क्या है?

A) ब्लाइटेड ओवम
B) सामान्य प्रारंभिक गर्भावस्था
C) एक्टोपिक गर्भावस्था
D) मोलेर गर्भावस्था

व्याख्या:
ब्लाइटेड ओवम में भ्रूण का विकास नहीं होता, लेकिन ट्रॉफोब्लास्टिक ऊतक बढ़ता रहता है, जिससे मोटी ट्रॉफोब्लास्टिक रिंग दिखाई देती है।

उत्तर: A) ब्लाइटेड ओवम


46. एक्टोपिक गर्भावस्था का कौन सा संकेतक सबसे प्रमुख है?

A) योक सैक के साथ इंट्रायूटेराइन जेस्टेशनल सैक
B) β-hCG >2000 mIU/mL के साथ खाली गर्भाशय
C) 10 mm MSD और कोई भ्रूण पोल नहीं
D) 5 mm CRL और हृदय गति

व्याख्या:
यदि β-hCG का स्तर >2000 mIU/mL है, लेकिन गर्भाशय में कोई जेस्टेशनल सैक नहीं दिखता, तो यह एक्टोपिक गर्भावस्था का एक मजबूत संकेत है।

उत्तर: B) β-hCG >2000 mIU/mL के साथ खाली गर्भाशय


47. गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) गर्भावस्था का विशेष अल्ट्रासाउंड संकेत क्या है?

A) एंडोमेट्रियल गुहा में जेस्टेशनल सैक
B) खाली गर्भाशय और एडनेक्सल मास
C) गर्भाशय ग्रीवा नलिका (Cervical canal) में जेस्टेशनल सैक
D) हाइपरवैस्कुलर "स्नोस्टॉर्म" रूप

व्याख्या:
यदि जेस्टेशनल सैक गर्भाशय ग्रीवा नलिका में प्रत्यारोपित होता है, तो इसे सर्वाइकल गर्भावस्था माना जाता है। यह एक गंभीर जटिलता हो सकती है और भारी रक्तस्राव का कारण बन सकती है।

उत्तर: C) गर्भाशय ग्रीवा नलिका में जेस्टेशनल सैक


48. प्रारंभिक गर्भावस्था में योक सैक का सामान्य व्यास कितना होता है?

A) 1-2 mm
B) 3-5 mm
C) 6-8 mm
D) 9-12 mm

व्याख्या:
सामान्य योक सैक व्यास 3-5 mm होता है। यदि योक सैक >7 mm हो जाता है, तो यह गर्भावस्था हानि के उच्च जोखिम से जुड़ा होता है।

उत्तर: B) 3-5 mm


49. यदि जेस्टेशनल सैक <1 mm/दिन की दर से बढ़ रहा हो, तो इसका क्या संकेत हो सकता है?

A) सामान्य गर्भावस्था
B) प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता का खतरा
C) एकाधिक गर्भधारण
D) मोलेर गर्भावस्था

व्याख्या:
सामान्य रूप से, जेस्टेशनल सैक लगभग 1 mm/दिन की दर से बढ़ता है। यदि वृद्धि दर <1 mm/दिन है, तो यह खराब गर्भावस्था पूर्वानुमान और संभावित गर्भावस्था विफलता का संकेत देता है।

उत्तर: B) प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता का खतरा


50. संपूर्ण (Complete) मोलेर गर्भावस्था का अल्ट्रासाउंड संकेत क्या है?

A) "स्नोस्टॉर्म" रूप जिसमें कोई भ्रूण नहीं
B) भ्रूण पोल के साथ जेस्टेशनल सैक
C) सामान्य एम्नियोटिक सैक और योक सैक
D) पतली दीवार वाला खाली सैक

व्याख्या:
संपूर्ण (Complete) मोलेर गर्भावस्था का सबसे विशिष्ट अल्ट्रासाउंड संकेत "स्नोस्टॉर्म" रूप है, जिसमें भ्रूण अनुपस्थित होता है और असामान्य ट्रॉफोब्लास्टिक वृद्धि देखी जाती है।

उत्तर: A) "स्नोस्टॉर्म" रूप जिसमें कोई भ्रूण नहीं

51. 6-7 सप्ताह के गर्भ में भ्रूणीय हृदय दर (EHR) की सामान्य सीमा क्या होती है?
A) 60-90 बीपीएम
B) 100-120 बीपीएम
C) 120-160 बीपीएम
D) 170-200 बीपीएम

व्याख्या:
6-7 सप्ताह में भ्रूणीय हृदय दर (EHR) सामान्य रूप से 100-120 बीपीएम होती है और 8-10 सप्ताह में यह 120-160 बीपीएम तक बढ़ जाती है। यदि हृदय गति <90 बीपीएम हो, तो खराब प्रैग्नेंसी प्रैग्नोसिस का संकेत होता है।

उत्तर: B) 100-120 बीपीएम


52. 7 मिमी के CRL के साथ हृदय गतिविधि न दिखाई देने पर क्या निदान होता है?
A) सामान्य प्रारंभिक गर्भावस्था
B) आशंकित गर्भपात
C) भ्रूण मृत्यु (एम्ब्रियोनिक डेमाइज)
D) ब्लाइटेड ओवम

व्याख्या:
यदि CRL ≥7 मिमी हो और हृदय गति न दिखाई दे, तो यह भ्रूण मृत्यु (missed miscarriage) का संकेत है। इसे पुष्टि करने के लिए कुछ दिनों बाद पुनः स्कैन किया जा सकता है।

उत्तर: C) भ्रूण मृत्यु


53. अल्ट्रासाउंड में विकसित भ्रूण में सबसे पहले कौन-सा संरचनात्मक भाग दिखाई देता है?
A) भ्रूणीय पोल (फेटल पोल)
B) यॉल्क सैक
C) एम्नियोटिक सैक
D) प्लेसेंटा

व्याख्या:
यॉल्क सैक सबसे पहले गर्भाशय में 5-6 सप्ताह के बीच दिखाई देता है। इसके बाद, 5.5-6 सप्ताह में भ्रूणीय पोल विकसित होता है।

उत्तर: B) यॉल्क सैक


54. 10 मिमी CRL किस गर्भावस्था सप्ताह से मेल खाता है?
A) 5 सप्ताह
B) 6 सप्ताह
C) 7 सप्ताह
D) 8 सप्ताह

व्याख्या:
10 मिमी का CRL आमतौर पर 7 सप्ताह की गर्भावस्था के अनुरूप होता है। पहले तिमाही में गर्भावस्था को तिथि करने के लिए CRL सबसे सटीक मापदंड होता है।

उत्तर: C) 7 सप्ताह


55. पहले तिमाही में बड़ा नूचल ट्रांसलूसेंसी (NT) किससे संबंधित है?
A) सामान्य गर्भावस्था
B) भ्रूण तंत्रिका नलिका दोष
C) गुणसूत्रीय असामान्यताएँ (जैसे डाउन सिंड्रोम)
D) एम्नियोटिक बैंड सिंड्रोम

व्याख्या:
11-14 सप्ताह में बढ़ा हुआ NT (>3 मिमी) ट्राइसॉमी 21 (डाउन सिंड्रोम), टर्नर सिंड्रोम और जन्मजात हृदय रोगों से संबंधित होता है।

उत्तर: C) गुणसूत्रीय असामान्यताएँ (जैसे डाउन सिंड्रोम)


56. निम्नलिखित में से कौन-सा अल्ट्रासाउंड लक्षण एनेन्सेफली (मस्तिष्क का अभाव) का नहीं होता?
A) खोपड़ी की हड्डियों का अभाव
B) मेंढक जैसी आँखों (फ्रॉग-आई अपीयरेंस) की उपस्थिति
C) बढ़ा हुआ एम्नियोटिक द्रव (पॉलीहाइड्राम्निओस)
D) सामान्य मस्तिष्क ऊतक की उपस्थिति

व्याख्या:
एनेन्सेफली में खोपड़ी और मस्तिष्क ऊतक अनुपस्थित होते हैं, जिससे भ्रूण का चेहरा "मेंढक जैसी आँखों" वाला दिखाई देता है।

उत्तर: D) सामान्य मस्तिष्क ऊतक की उपस्थिति


57. पहले तिमाही में सबसे सामान्य जन्मजात हृदय दोष कौन-सा होता है?
A) टेट्रालॉजी ऑफ फैलॉट
B) हाइपोप्लास्टिक लेफ्ट हार्ट सिंड्रोम
C) एट्रियोवेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (AVSD)
D) वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD)

व्याख्या:
AVSD सबसे सामान्य जन्मजात हृदय दोष होता है, जो डाउन सिंड्रोम (ट्राइसॉमी 21) से जुड़ा होता है।

उत्तर: C) एट्रियोवेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (AVSD)


58. प्रारंभिक गर्भावस्था में सिस्टिक हाइग्रोमा का सोनोग्राफिक लक्षण क्या होता है?
A) गर्भाशय गुहा में एक छोटा अनीकोइक सैक
B) भ्रूण की गर्दन में तरल पदार्थ से भरी संरचना
C) सिस्ट के साथ मोटा प्लेसेंटा
D) बढ़ी हुई किडनी के साथ कई सिस्ट

व्याख्या:
सिस्टिक हाइग्रोमा भ्रूण की गर्दन में एक तरल पदार्थ से भरी, विभाजित संरचना होती है और यह टर्नर सिंड्रोम व अन्य गुणसूत्रीय असामान्यताओं से जुड़ी होती है।

उत्तर: B) भ्रूण की गर्दन में तरल पदार्थ से भरी संरचना


59. भ्रूणीय अक्रानिया (Acrania) में सबसे सामान्य अल्ट्रासाउंड निष्कर्ष क्या होता है?
A) खोपड़ी की हड्डियों की अनुपस्थिति, लेकिन मस्तिष्क ऊतक की उपस्थिति
B) सामान्य खोपड़ी और छोटी वेंट्रिकल्स
C) बढ़ी हुई एम्नियोटिक सैक
D) पॉलीहाइड्राम्निओस के साथ छोटा भ्रूण

व्याख्या:
अक्रानिया एक गंभीर न्यूरल ट्यूब दोष है जिसमें खोपड़ी की हड्डियाँ नहीं बनतीं, जिससे मस्तिष्क ऊतक उजागर रहता है।

उत्तर: A) खोपड़ी की हड्डियों की अनुपस्थिति, लेकिन मस्तिष्क ऊतक की उपस्थिति


60. प्रारंभिक गर्भावस्था में स्पाइना बिफिडा का सबसे अच्छा अल्ट्रासाउंड मार्कर कौन-सा है?
A) लेमन साइन
B) मुट्ठी बंद रहना (क्लेंच्ड फिस्ट्स)
C) नासिका की अनुपस्थिति (एब्सेंट नोजल बोन)
D) एकल अंबिलिकल धमनी

व्याख्या:
लेमन साइन (सामने की खोपड़ी का चपटा होना) स्पाइना बिफिडा का प्रारंभिक संकेत है। बाद के चरणों में केला साइन (cerebellar compression) भी देखा जाता है।

उत्तर: A) लेमन साइन


61. गैस्ट्रोस्कीसीस का प्रमुख अल्ट्रासाउंड संकेत क्या है?
A) पेट की दीवार का दोष और स्वतंत्र रूप से तैरती आंतें
B) नाभि की हर्नियेशन के साथ यकृत
C) मोटा नूचल ट्रांसलूसेंसी
D) बढ़ी हुई भ्रूणीय किडनी

व्याख्या:
गैस्ट्रोस्कीसीस एक पेट की दीवार की विकृति है जिसमें आंतें शरीर के बाहर निकलती हैं, बिना किसी सुरक्षात्मक झिल्ली के।

उत्तर: A) पेट की दीवार का दोष और स्वतंत्र रूप से तैरती आंतें


62. होलोप्रोसेंसेफली को अल्ट्रासाउंड में सबसे पहले कब पहचाना जा सकता है?
A) 5 सप्ताह
B) 6 सप्ताह
C) 9-10 सप्ताह
D) 14 सप्ताह

व्याख्या:
होलोप्रोसेंसेफली (मस्तिष्क का विभाजन न होना) 9-10 सप्ताह में असामान्य सिर के आकार और मध्यरेखा संरचनाओं की अनुपस्थिति के रूप में देखा जाता है।

उत्तर: C) 9-10 सप्ताह

63. ट्राइसॉमी 18 (एडवर्ड्स सिंड्रोम) से संबंधित निम्नलिखित में से कौन सा अल्ट्रासाउंड निष्कर्ष है?
A) ओम्फालोसील
B) मुट्ठी का कसा हुआ होना (Clenched fists)
C) कोरॉइड प्लेक्सस सिस्ट (Choroid plexus cysts)
D) उपरोक्त सभी

व्याख्या:
ट्राइसॉमी 18 (एडवर्ड्स सिंड्रोम) में कई असामान्यताएँ देखी जाती हैं, जिनमें मुट्ठी का कसा हुआ होना, ओम्फालोसील और कोरॉइड प्लेक्सस सिस्ट शामिल हैं।

उत्तर: D) उपरोक्त सभी


64. ओम्फालोसील का अल्ट्रासाउंड फीचर क्या है?
A) झिल्ली द्वारा ढका हुआ आँतों का हर्निएशन
B) पेट के बाहर स्वतंत्र रूप से तैरती हुई आँतें
C) भ्रूण की गर्दन में सिस्टिक मास
D) हाइड्रोनेफ्रोसिस के साथ बड़ा मूत्राशय

व्याख्या:
ओम्फालोसील एक पेट की दीवार की विकृति है जिसमें आँतें और कभी-कभी यकृत नाभि की हड्डी में हर्निएट होते हैं और यह एक झिल्ली से ढका होता है।

उत्तर: A) झिल्ली द्वारा ढका हुआ आँतों का हर्निएशन


65. अल्ट्रासाउंड पर प्रारंभिक कंकाल संबंधी असामान्यताओं का मूल्यांकन करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
A) ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड
B) डॉप्लर इमेजिंग
C) 3D अल्ट्रासाउंड
D) एमनियोसेंटेसिस

व्याख्या:
3D अल्ट्रासाउंड विस्तृत कंकाल इमेजिंग प्रदान करता है और विशेष रूप से बौनापन, अंग विकृतियों और कपाल संबंधी दोषों जैसी असामान्यताओं का पता लगाने में उपयोगी होता है।

उत्तर: C) 3D अल्ट्रासाउंड


66. टर्नर सिंड्रोम के लिए प्रथम तिमाही में कौन सी विशेष अल्ट्रासाउंड खोज विशेष रूप से महत्वपूर्ण है?
A) बढ़ी हुई नुकल ट्रांसलूसेंसी
B) ओम्फालोसील
C) पॉलीहाइड्राम्नियोस
D) सिस्टिक हाइग्रोमा

स्पष्टीकरण:
टर्नर सिंड्रोम (45, X) आमतौर पर प्रथम तिमाही में सिस्टिक हाइग्रोमा की उपस्थिति से जुड़ा होता है। यह अल्ट्रासाउंड में भ्रूण की गर्दन के क्षेत्र में एक तरल से भरी, विभाजित संरचना के रूप में दिखाई देता है। बढ़ी हुई नुकल ट्रांसलूसेंसी भी देखी जा सकती है, लेकिन सिस्टिक हाइग्रोमा अधिक विशिष्ट संकेत है।

उत्तर: D) सिस्टिक हाइग्रोमा


67. भ्रूण का पेट (स्टमक) आमतौर पर अल्ट्रासाउंड में किस गर्भकालीन सप्ताह में दिखाई देने लगता है?
A) 5 सप्ताह
B) 6 सप्ताह
C) 8 सप्ताह
D) 11 सप्ताह

स्पष्टीकरण:
भ्रूण का पेट लगभग 11 सप्ताह की गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड पर एक तरल-भरी संरचना के रूप में दिखाई देने लगता है। इसका दृश्य होना भ्रूण के सामान्य विकास और निगलने की प्रक्रिया का संकेत देता है।

उत्तर: D) 11 सप्ताह


68. मोलेर गर्भावस्था (molar pregnancy) के अल्ट्रासाउंड में कौन-सा संकेतक पाया जाता है?
A) डबल डिसिडुअल सैक साइन
B) स्नोस्टॉर्म अपीयरेंस
C) 7 मिमी से बड़ा योक सैक
D) अनुपस्थित नासल बोन

स्पष्टीकरण:
मोलेर गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड में "स्नोस्टॉर्म" (हिम-तूफान जैसी) उपस्थिति देखी जाती है, जो भ्रूण के बिना छोटी-छोटी सिस्टिक संरचनाओं के समूह को दर्शाती है। यह सूजे हुए कोरियोनिक विलस की उपस्थिति के कारण होता है।

उत्तर: B) स्नोस्टॉर्म अपीयरेंस


69. प्रथम तिमाही के अल्ट्रासाउंड में अनुपस्थित नासल बोन का क्या महत्व है?
A) यह एक सामान्य विविधता है और कोई चिकित्सीय महत्व नहीं रखता।
B) यह ट्राइसोमी 21 (डाउन सिंड्रोम) के उच्च जोखिम को इंगित करता है।
C) यह न्यूरल ट्यूब दोषों (Neural Tube Defects) का संकेत देता है।
D) यह टर्नर सिंड्रोम से जुड़ा है।

स्पष्टीकरण:
प्रथम तिमाही में अनुपस्थित नासल बोन डाउन सिंड्रोम (ट्राइसोमी 21) के लिए एक सॉफ्ट मार्कर (संकेतक) है। यह निश्चित निदान नहीं करता, लेकिन इसकी उपस्थिति से अतिरिक्त परीक्षणों (जैसे, NIPT या इनवेसिव परीक्षण) की सिफारिश की जा सकती है।

उत्तर: B) यह ट्राइसोमी 21 (डाउन सिंड्रोम) के उच्च जोखिम को इंगित करता है।


70. अल्ट्रासाउंड में इकोजेनिक इंट्राकार्डियक फोकस (EIF) किस विकार से जुड़ा होता है?
A) ट्राइसोमी 21 (डाउन सिंड्रोम)
B) ट्राइसोमी 18 (एडवर्ड्स सिंड्रोम)
C) टर्नर सिंड्रोम
D) पाटाउ सिंड्रोम

स्पष्टीकरण:
इकोजेनिक इंट्राकार्डियक फोकस (EIF) एक छोटा चमकीला स्थान होता है, जो अल्ट्रासाउंड में हृदय के अंदर दिखाई देता है। यह डाउन सिंड्रोम (ट्राइसोमी 21) के लिए एक सॉफ्ट मार्कर हो सकता है, हालांकि यह सामान्य भ्रूणों में भी देखा जा सकता है।

उत्तर: A) ट्राइसोमी 21 (डाउन सिंड्रोम)


71. प्रथम तिमाही अल्ट्रासाउंड में बढ़ी हुई नुकल ट्रांसलूसेंसी का क्या संकेत होता है?
A) गुणसूत्र असमान्यताओं (Chromosomal Abnormalities) का बढ़ा हुआ जोखिम
B) न्यूरल ट्यूब दोष
C) जन्मजात डायफ्रामैटिक हर्निया
D) भ्रूण एनीमिया

स्पष्टीकरण:
बढ़ी हुई नुकल ट्रांसलूसेंसी (NT) ट्राइसोमी 21, ट्राइसोमी 18 और ट्राइसोमी 13 सहित कई गुणसूत्र असमान्यताओं के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ी होती है। यह अन्य अनुवांशिक विकारों और हृदय दोषों का भी संकेत दे सकती है।

उत्तर: A) गुणसूत्र असमान्यताओं का बढ़ा हुआ जोखिम


72. ट्राइसोमी 18 (एडवर्ड्स सिंड्रोम) के लिए सबसे महत्वपूर्ण अल्ट्रासाउंड संकेत कौन सा है?
A) सिंगल अम्बिलिकल आर्टरी
B) कोरॉइड प्लेक्सस सिस्ट
C) बंद मुट्ठियाँ और ओवरलैपिंग उंगलियाँ
D) इकोजेनिक आंत

स्पष्टीकरण:
ट्राइसोमी 18 (एडवर्ड्स सिंड्रोम) के एक विशिष्ट लक्षण में मुट्ठियाँ बंद रहना और उंगलियों का ओवरलैपिंग होना शामिल है। यह एक महत्वपूर्ण संकेतक है और इस स्थिति की पुष्टि के लिए आगे के परीक्षणों की सिफारिश की जाती है।

उत्तर: C) बंद मुट्ठियाँ और ओवरलैपिंग उंगलियाँ


73. अल्ट्रासाउंड में सिंगल अम्बिलिकल आर्टरी (SUA) का क्या महत्व है?
A) यह एक सामान्य विविधता है और कोई जोखिम नहीं है।
B) यह गुणसूत्र असमान्यताओं और जन्मजात विकृतियों के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा है।
C) यह भ्रूण एनीमिया का संकेत देता है।
D) यह न्यूरल ट्यूब दोष का संकेत देता है।

स्पष्टीकरण:
सिंगल अम्बिलिकल आर्टरी (SUA) सामान्य से अलग एक अम्बिलिकल आर्टरी की अनुपस्थिति को इंगित करता है और यह कई जन्मजात विकृतियों और गुणसूत्र असमान्यताओं से जुड़ा हो सकता है।

उत्तर: B) यह गुणसूत्र असमान्यताओं और जन्मजात विकृतियों के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा है।


74. प्रसूति अल्ट्रासाउंड पहली बार किसने पेश किया?
A) इयान डोनाल्ड
B) जॉन कैंपबेल
C) जल नेल्सन
D) बेनेट

स्पष्टीकरण:
इयान डोनाल्ड, एक स्कॉटिश प्रसूति विशेषज्ञ, को चिकित्सा अल्ट्रासाउंड का जनक माना जाता है। उन्होंने 1950 के दशक में प्रसूति में पहली बार अल्ट्रासाउंड का उपयोग किया था।

उत्तर: A) इयान डोनाल्ड


75. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रसूति अल्ट्रासाउंड इमेजिंग के दिशानिर्देशों में शामिल नहीं है?
A) PCPNDT अधिनियम
B) AIUM
C) ACOG
D) AERB

स्पष्टीकरण:
PCPNDT अधिनियम → भारत में भ्रूण के लिंग निर्धारण को रोकने के लिए लागू किया गया।
AIUM (American Institute of Ultrasound in Medicine) → अल्ट्रासाउंड के सुरक्षित उपयोग के लिए दिशानिर्देश जारी करता है।
ACOG (American College of Obstetricians and Gynecologists) → प्रसूति संबंधी अल्ट्रासाउंड दिशानिर्देश जारी करता है।
AERB (Atomic Energy Regulatory Board) → यह मुख्य रूप से विकिरण सुरक्षा को नियंत्रित करता है, लेकिन अल्ट्रासाउंड से संबंधित नहीं है।

उत्तर: D) AERB


76. नियमित भ्रूण अल्ट्रासाउंड स्कैन के लिए कम से कम कितना समय निर्धारित किया जाना चाहिए?
(a) 10 मिनट
(b) 20 मिनट
(c) 30 मिनट
(d) 40 मिनट

व्याख्या:
एक नियमित भ्रूण अल्ट्रासाउंड स्कैन (जैसे कि द्वितीय तिमाही का असामान्यता स्कैन) को भ्रूण की शारीरिक संरचना, एम्नियोटिक द्रव, प्लेसेंटा और अन्य संरचनाओं का पूरी तरह से मूल्यांकन करने के लिए कम से कम 20 मिनट लगते हैं।

उत्तर: (b) 20 मिनट


77. भ्रूण असामान्यता स्कैन के लिए सबसे उपयुक्त समय क्या है?
(a) 12 सप्ताह
(b) 20 सप्ताह
(c) 28 सप्ताह
(d) 36 सप्ताह

व्याख्या:
भ्रूण असामान्यता स्कैन (जिसे मध्य तिमाही या स्तर 2 अल्ट्रासाउंड भी कहा जाता है) 18 से 22 सप्ताह के बीच किया जाता है, और 20 सप्ताह आदर्श समय होता है।

उत्तर: (b) 20 सप्ताह


78. भ्रूण न्यूकल ट्रांसलूसेंसी (NT) स्कैन के लिए सबसे उपयुक्त समय क्या है?
(a) 11 से 14 सप्ताह
(b) 14 से 16 सप्ताह
(c) 17 से 20 सप्ताह
(d) 21 से 23 सप्ताह

व्याख्या:
फीटल न्यूकल ट्रांसलूसेंसी (NT) स्कैन 11 से 14 सप्ताह के बीच सबसे अच्छा किया जाता है। यह डाउन सिंड्रोम (ट्राइसॉमी 21), ट्राइसॉमी 18 और ट्राइसॉमी 13 के जोखिम का आकलन करने में मदद करता है।

उत्तर: (a) 11 से 14 सप्ताह


79. भ्रूण अल्ट्रासाउंड में 'ट्राउजर' चिन्ह किसके लिए उपयोग किया जाता है?
(a) RVOT व्यू
(b) LVOT व्यू
(c) फोर चेंबर व्यू
(d) टू चेंबर व्यू

व्याख्या:
"ट्राउजर साइन" एलवीओटी (Left Ventricular Outflow Tract) व्यू में देखा जाता है, जहां आरोही महाधमनी (aorta) दाएं और बाएं कोरोनरी धमनियों में विभाजित होती है, जिससे यह पैंट (trousers) जैसी दिखती है।

उत्तर: (b) LVOT व्यू


80. भ्रूण ब्रैडीकार्डिया का अर्थ है (हृदय दर):
(a) <80 बीपीएम
(b) <100 बीपीएम
(c) <140 बीपीएम
(d) <180 बीपीएम

व्याख्या:
भ्रूण ब्रैडीकार्डिया वह स्थिति है जब भ्रूण की हृदय गति 110 बीपीएम से कम होती है। यदि हृदय गति <100 बीपीएम हो तो इसे गंभीर ब्रैडीकार्डिया माना जाता है।

उत्तर: (b) <100 बीपीएम


81. भ्रूण टैकीकार्डिया का अर्थ है (हृदय दर):
(a) >100 बीपीएम
(b) >120 बीपीएम
(c) >140 बीपीएम
(d) >180 बीपीएम

व्याख्या:
भ्रूण टैकीकार्डिया तब होता है जब भ्रूण की हृदय गति 160 बीपीएम से अधिक होती है। यदि हृदय गति >180 बीपीएम हो तो इसे गंभीर टैकीकार्डिया माना जाता है।

उत्तर: (d) >180 बीपीएम


82. मानक भ्रूण शारीरिक सर्वेक्षण कब किया जाता है?
(a) प्रथम तिमाही
(b) द्वितीय तिमाही
(c) तृतीय तिमाही
(d) सभी

व्याख्या:
मानक भ्रूण शारीरिक सर्वेक्षण आमतौर पर द्वितीय तिमाही में, 18 से 22 सप्ताह के बीच किया जाता है, ताकि भ्रूण की संरचना और जन्मजात असामान्यताओं का मूल्यांकन किया जा सके।

उत्तर: (b) द्वितीय तिमाही


83. निम्नलिखित में से कौन-सी तकनीक अल्ट्रासाउंड इमेजिंग नहीं है?
(a) EBUS
(b) HSG
(c) 2D ECHO
(d) EUS

व्याख्या:

  • EBUS (एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड): अल्ट्रासाउंड का उपयोग फेफड़ों और वायुमार्ग की जांच के लिए किया जाता है।
  • HSG (हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफी): एक्स-रे आधारित तकनीक है, यह अल्ट्रासाउंड तकनीक नहीं है।
  • 2D ECHO: हृदय की इमेजिंग के लिए अल्ट्रासाउंड तकनीक है।
  • EUS (एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड): आंतरिक अंगों की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड का उपयोग करता है।

उत्तर: (b) HSG


84. निम्नलिखित में से कौन-सी एक अल्ट्रासाउंड तकनीक है?
(a) हिस्टेरो सोनोग्राफी
(b) हिस्टेरो साल्पिंगोग्राफी
(c) हिस्टेरोस्कोपी
(d) कोई नहीं

व्याख्या:

  • हिस्टेरो सोनोग्राफी (Saline Infusion Sonography - SIS): यह एक अल्ट्रासाउंड तकनीक है जिसमें गर्भाशय गुहा को अधिक स्पष्ट रूप से देखने के लिए लवणीय घोल (saline solution) डाला जाता है।
  • हिस्टेरो साल्पिंगोग्राफी (HSG): यह एक्स-रे आधारित तकनीक है।
  • हिस्टेरोस्कोपी: यह एक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया है, अल्ट्रासाउंड तकनीक नहीं है।

उत्तर: (a) हिस्टेरो सोनोग्राफी


85. निम्नलिखित में से कौन-सी अल्ट्रासाउंड इमेजिंग तकनीक सही नहीं है?
(a) A-स्कैन (अम्प्लीट्यूड स्कैन)
(b) B-स्कैन (ब्राइटनेस स्कैन)
(c) C-स्कैन (कलर डॉप्लर स्कैन)
(d) M-स्कैन (मोशन स्कैन)

व्याख्या:

  • A-स्कैन (अम्प्लीट्यूड स्कैन): यह एक आयामी अल्ट्रासाउंड तकनीक है, जो नेत्र विज्ञान में उपयोग होती है।
  • B-स्कैन (ब्राइटनेस स्कैन): यह दो-आयामी इमेजिंग तकनीक है, जिसका उपयोग भ्रूण, आंतरिक अंगों आदि के लिए किया जाता है।
  • C-स्कैन: ऐसी कोई अल्ट्रासाउंड तकनीक नहीं होती।
  • M-स्कैन (मोशन स्कैन): इसे M-मोड भी कहा जाता है, और यह गति करने वाली संरचनाओं, जैसे कि हृदय वाल्व और भ्रूण की हृदय गतिविधि को दिखाने के लिए उपयोग किया जाता है।

उत्तर: (c) C-स्कैन (कलर डॉप्लर स्कैन)

86. महामारी विज्ञान अध्ययन ने भ्रूण अल्ट्रासाउंड से जुड़ाव पाया, सिवाय:

(a) डिस्लेक्सिया
(b) विलंबित भाषण
(c) घातकता (मैलिग्नेंसी)
(d) बाएं हाथ का होना

स्पष्टीकरण:
महामारी विज्ञान अध्ययनों ने भ्रूण अल्ट्रासाउंड एक्सपोजर और कुछ न्यूरोलॉजिकल तथा विकासात्मक परिणामों के बीच संभावित संबंधों का पता लगाया है। हालांकि, भ्रूण अल्ट्रासाउंड और कैंसर (मैलिग्नेंसी) के बीच कोई निर्णायक संबंध नहीं पाया गया है।

डिस्लेक्सिया → संभावित संबंध, लेकिन ठोस प्रमाण नहीं।
विलंबित भाषण → संभावित संबंध, लेकिन निष्कर्ष अस्पष्ट हैं।
मैलिग्नेंसी (कैंसर) → भ्रूण अल्ट्रासाउंड और कैंसर के बीच कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं।
बाएं हाथ का होना → कुछ अध्ययनों में हल्का संबंध पाया गया है, लेकिन इसका नैदानिक महत्व निश्चित नहीं है।

सही उत्तर: (c) मैलिग्नेंसी


87. गर्भाशय गुहा में भ्रूण आरोपण (इम्प्लांटेशन) पूरा होता है:

(a) 17वां दिन
(b) 20वां दिन
(c) 23वां दिन
(d) 26वां दिन

स्पष्टीकरण:
गर्भाशय गुहा में भ्रूण का आरोपण आमतौर पर ओव्यूलेशन (डिम्बोत्सर्जन) के 6-10 दिनों के भीतर पूरा हो जाता है।

  • 14वां दिन → ओव्यूलेशन होता है।
  • 15-16वां दिन → निषेचन (फर्टिलाइजेशन) फैलोपियन ट्यूब में होता है।
  • 18-19वां दिन → ब्लास्टोसिस्ट गर्भाशय में पहुंचकर आरोपण शुरू करता है।
  • 20वां दिन → आरोपण पूरा हो जाता है।

गलत उत्तर:

  • 17वां दिन → बहुत जल्दी, भ्रूण अभी भी फैलोपियन ट्यूब में होता है।
  • 23वां दिन → आरोपण पहले ही पूरा हो चुका होता है।
  • 26वां दिन → प्लेसेंटा का विकास शुरू हो चुका होता है।

सही उत्तर: (b) 20वां दिन


88. गर्भाशय में गर्भावस्था का सबसे प्रारंभिक प्रमाण अल्ट्रासाउंड पर क्या होता है?

(a) इंट्राडेसिडुअल संकेत
(b) कॉर्पस ल्यूटियल सिस्ट
(c) यॉल्क सैक
(d) हृदय गति

स्पष्टीकरण:
गर्भाशय में गर्भावस्था (IUP) का सबसे प्रारंभिक प्रमाण इंट्राडेसिडुअल संकेत होता है, जो 4 से 4.5 सप्ताह की गर्भावस्था में ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड द्वारा दिखाई देता है।

इंट्राडेसिडुअल संकेत → सबसे पहले दिखने वाला संकेत, जो गर्भाशय की मोटी हुई परत में एक छोटे द्रव-भरे थैले के रूप में प्रकट होता है।

कॉर्पस ल्यूटियल सिस्ट → यह एक अंडाशयी सिस्ट है, जो प्रोजेस्टेरोन उत्पन्न करता है, लेकिन यह गर्भावस्था का निश्चित प्रमाण नहीं है।

यॉल्क सैक → यह 5 सप्ताह के बाद दिखाई देता है, इसलिए यह इंट्राडेसिडुअल संकेत से बाद में आता है।

हृदय गति → यह 6-7 सप्ताह में दिखाई देती है, जो काफी देर बाद होता है।

सही उत्तर: (a) इंट्राडेसिडुअल संकेत


89. ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड में इंट्राडेसिडुअल संकेत किस सप्ताह में दिखाई देता है?

(a) 3 सप्ताह
(b) 5 सप्ताह
(c) 7 सप्ताह
(d) 9 सप्ताह

स्पष्टीकरण:
इंट्राडेसिडुअल संकेत 5वें सप्ताह में ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड पर दिखाई देता है। यह शुरुआती गर्भावस्था का संकेत है, जिससे पता चलता है कि गर्भ ठहर चुका है।

गलत उत्तर:

  • 3 सप्ताह → बहुत जल्दी, भ्रूण अभी निषेचन प्रक्रिया में है।
  • 7 सप्ताह → इस समय यॉल्क सैक, भ्रूण, और हृदय गति दिखने लगती है।
  • 9 सप्ताह → भ्रूण विकसित हो चुका होता है, हाथ-पैर बनने लगते हैं।

सही उत्तर: (b) 5 सप्ताह


90. पेट पर किए गए भ्रूण अल्ट्रासाउंड में हृदय गति सबसे जल्दी कब देखी जाती है?

(a) 4 सप्ताह
(b) 6 सप्ताह
(c) 8 सप्ताह
(d) 10 सप्ताह

स्पष्टीकरण:

  • ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड (TVUS) → हृदय गति 5.5-6 सप्ताह में दिखाई दे सकती है।
  • एब्डोमिनल (पेट पर किया गया) अल्ट्रासाउंड → इसमें हृदय गति आमतौर पर 8 सप्ताह के आसपास देखी जाती है।

गलत उत्तर:

  • 4 सप्ताह → बहुत जल्दी, केवल इंट्राडेसिडुअल संकेत ही दिख सकता है।
  • 6 सप्ताह → ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड में संभव, लेकिन एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड के लिए जल्दी।
  • 10 सप्ताह → इस समय तक हृदय गति लगभग सभी मामलों में दिखाई देती है, लेकिन यह पहले ही (8 सप्ताह) दिखाई दे सकती है।

सही उत्तर: (c) 8 सप्ताह

91. डबल डेसिडुअल सैक साइन के लिए कौन सा कथन सही है?

(a) प्रारंभिक इंट्रायूटेरिन प्रेग्नेंसी और एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के डेसिडुअल कास्ट में अंतर करता है

(b) इसका सोनोग्राफिक चित्रण तीन स्तरों के डेसिडुआ का होता है

(c) एक रिंग जेस्टेशनल सैक द्वारा और दूसरी रिंग इकोजेनिक एंडोमेट्रियम द्वारा बनती है

(d) सभी

स्पष्टीकरण:
डबल डेसिडुअल सैक साइन (DDSS) एक महत्वपूर्ण अल्ट्रासाउंड संकेत है जो प्रारंभिक इंट्रायूटेरिन प्रेग्नेंसी (IUP) की पुष्टि करने और एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के डेसिडुअल कास्ट से इसे अलग करने में मदद करता है।

सभी विकल्प सही हैं, इसलिए सही उत्तर (d) सभी है।


92. सामान्य इंट्रायूटेरिन प्रेग्नेंसी में यॉल्क सैक किस सप्ताह के दौरान दिखाई देती है?

(a) 5 से 11 सप्ताह
(b) 3 से 7 सप्ताह
(c) 9 से 15 सप्ताह
(d) 10 से 16 सप्ताह

स्पष्टीकरण:
यॉल्क सैक आमतौर पर 5 सप्ताह की गर्भावस्था में ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (TVUS) पर दिखाई देती है और यह 11 सप्ताह तक सबसे प्रमुख होती है। 11 सप्ताह के बाद यह सिकुड़ने लगती है और अंततः प्लेसेंटा द्वारा प्रतिस्थापित हो जाती है।

सही उत्तर: (a) 5 से 11 सप्ताह


93. सामान्य यॉल्क सैक का अधिकतम व्यास कितना होता है?

(a) 3 मिमी
(b) 6 मिमी
(c) 9 मिमी
(d) 12 मिमी

स्पष्टीकरण:
यॉल्क सैक का सामान्य व्यास 2 से 6 मिमी होता है। यदि इसका आकार 6 मिमी से अधिक हो जाता है, तो यह गर्भावस्था के असफल होने का संकेत हो सकता है।

सही उत्तर: (b) 6 मिमी


94. निम्नलिखित में से कौन सा गर्भावस्था विफलता के लिए खराब भविष्यवाणी संकेत नहीं है?

(a) बड़ा यॉल्क सैक
(b) कैल्सीफाइड यॉल्क सैक
(c) छोटा यॉल्क सैक
(d) अनियमित यॉल्क सैक

स्पष्टीकरण:
छोटा यॉल्क सैक (<2 मिमी) सामान्य रूप से खराब गर्भावस्था के संकेत के रूप में नहीं जाना जाता है, जबकि बड़ा, कैल्सीफाइड या अनियमित यॉल्क सैक खराब गर्भावस्था के संकेत होते हैं।

सही उत्तर: (c) छोटा यॉल्क सैक


95. डबल बबल साइन किन दो संरचनाओं को दर्शाता है?

(a) एम्नियोन और यॉल्क सैक
(b) एम्नियोन और कोरियन
(c) कोरियन और यॉल्क सैक
(d) प्राथमिक और द्वितीयक यॉल्क सैक

स्पष्टीकरण:
डबल बबल साइन अल्ट्रासाउंड में दो तरल से भरी संरचनाओं को दर्शाता है:

  • एम्नियोन: भ्रूण को घेरने वाली पतली झिल्ली।
  • यॉल्क सैक: भ्रूण के लिए प्रारंभिक पोषण स्रोत।

सही उत्तर: (a) एम्नियोन और यॉल्क सैक


96. सामान्य एम्नियोटिक झिल्ली अलग से कब तक देखी जा सकती है?

(a) 8 सप्ताह
(b) 12 सप्ताह
(c) 14 सप्ताह
(d) 16 सप्ताह

स्पष्टीकरण:
एम्नियोटिक झिल्ली लगभग 16 सप्ताह तक अलग से दिखाई देती है। इसके बाद, यह कोरियन के साथ मिल जाती है।

सही उत्तर: (d) 16 सप्ताह


97. किस तिमाही में कॉर्ड सिस्ट्स का कोई नैदानिक महत्व नहीं होता?

(a) पहली तिमाही
(b) दूसरी तिमाही
(c) तीसरी तिमाही
(d) सभी तिमाही

स्पष्टीकरण:
पहली तिमाही में पाए गए कॉर्ड सिस्ट्स सामान्य रूप से बेहद सामान्य और नैदानिक रूप से महत्वहीन होते हैं। दूसरी और तीसरी तिमाही में पाए गए कॉर्ड सिस्ट्स कुछ जन्मजात असामान्यताओं से जुड़े हो सकते हैं।

सही उत्तर: (a) पहली तिमाही


98. सामान्य भ्रूणीय नाल में कितनी धमनियां और नसें होती हैं?

(a) दो धमनियां और एक नस
(b) एक धमनी और दो नसें
(c) दो धमनियां और दो नसें
(d) एक धमनी और एक नस

स्पष्टीकरण:
सामान्य भ्रूणीय नाल में:

  • 2 धमनियां: भ्रूण से प्लेसेंटा तक डीऑक्सीजनेटेड रक्त ले जाती हैं।
  • 1 नस: प्लेसेंटा से भ्रूण तक ऑक्सीजन युक्त रक्त लाती है।

सही उत्तर: (a) दो धमनियां और एक नस


99. ट्रांसवेजाइनल सोनोग्राफी (TVS) पर भ्रूण को सबसे जल्दी कब देखा जा सकता है?

(a) 4 सप्ताह
(b) 5 सप्ताह
(c) 6 सप्ताह
(d) 7 सप्ताह

स्पष्टीकरण:
TVS पर भ्रूण 5 सप्ताह की गर्भावस्था में दिखाई देना शुरू हो जाता है।

सही उत्तर: (b) 5 सप्ताह


100. प्रारंभिक गर्भावस्था विफलता के अल्ट्रासाउंड निष्कर्षों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?

(a) TVS पर हृदय गति के बिना भ्रूण की पहचान करना
(b) TAS पर हृदय गति के बिना भ्रूण की पहचान करना
(c) TAS पर MSD का 25 मिमी तक होना और भ्रूण न दिखना
(d) TAS पर MSD का 20 मिमी तक होना और यॉल्क सैक न दिखना

स्पष्टीकरण:
गर्भावस्था की विफलता का निदान करने के लिए विभिन्न अल्ट्रासाउंड मापदंड होते हैं। TVS पर MSD ≥ 25 मिमी और भ्रूण न दिखना गर्भावस्था विफलता की पुष्टि करता है, लेकिन TAS पर यह मान्य नहीं होता

सही उत्तर: (c) TAS पर MSD का 25 मिमी तक होना और भ्रूण न दिखना

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